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आठ घंटे कार्य का इतिहास
RD Memorial
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आठ घंटे कार्य-दिवस का इतिहास औद्योगिक क्रांति के समय मजदूरों से प्रतिदिन 12–16 घंटे काम कराया जाता था। इसके विरोध में मजदूरों ने आठ घंटे काम की मांग को लेकर आंदोलन किए। 1817: रॉबर्ट ओवेन ने आठ घंटे काम, आठ घंटे आराम और आठ घंटे निजी जीवन का विचार दिया। 1886: अमेरिका में मजदूरों ने आठ घंटे काम के लिए बड़ा आंदोलन किया। 1919: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने आठ घंटे कार्य-दिवस के सिद्धांत को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी। भारत: डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने श्रमिकों के कार्य-घंटे और अधिकारों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।